भारत सरकार की One Nation One Subscription (ONOS) योजना शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना देशभर के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्रीय अनुसंधान संस्थानों के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय शोध पत्रिकाओं तक पहुंच प्रदान करती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहले की खंडित व्यवस्था को समाप्त करना, डुप्लीकेशन कम करना और टियर-2 व टियर-3 शहरों के संस्थानों को भी वैश्विक शोध संसाधनों तक समान पहुंच देना है। यह नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020, विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है।
ONOS योजना की पृष्ठभूमि और शुरुआत
2019 में भारत की तीन प्रमुख विज्ञान अकादमियों ने राष्ट्रीय स्तर पर जर्नल सब्सक्रिप्शन की सिफारिश की थी। 15 अगस्त 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से “जय अनुसंधान” का आह्वान किया था।
इसके बाद 25 नवंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ONOS योजना को मंजूरी दी। योजना 1 जनवरी 2025 से लागू हो गई है। फेज-1 2025 से 2027 तक चलेगा।
INFLIBNET Centre (गांधीनगर), जो UGC का इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर है, इस योजना का इम्प्लीमेंटिंग और एक्जीक्यूटिंग एजेंसी है।
ONOS योजना का दायरा और कवरेज
योजना के तहत 30 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की 13,000 से ज्यादा फुल-टेक्स्ट जर्नल्स उपलब्ध हैं। ये 27 व्यापक विषय श्रेणियों (STEM, सोशल साइंस, मेडिसिन, ह्यूमैनिटी आदि) में फैली हैं।
मुख्य प्रकाशक:
- Elsevier ScienceDirect
- Springer Nature
- Taylor & Francis
- Wiley
- Sage
- Cambridge University Press, Oxford University Press, IEEE, ACS, AIP, APS, BMJ, Emerald आदि।
कई जर्नल्स में पुरानी फाइलें (बैकफाइल्स) भी उपलब्ध हैं।
लाभार्थी:
- लगभग 6,500+ सरकारी उच्च शिक्षण संस्थान और केंद्रीय R&D संस्थान
- करीब 1.8 करोड़ छात्र, शिक्षक और शोधकर्ता
बजट: तीन वर्षों (2025-2027) के लिए कुल ₹6,000 करोड़। इसमें हर साल ₹150 करोड़ की राशि Article Processing Charges (APC) सपोर्ट के लिए अलग रखी गई है।
ONOS पोर्टल और एक्सेस कैसे करें?
आधिकारिक पोर्टल: https://www.onos.gov.in
एक्सेस के दो मुख्य तरीके:
- कैंपस IP-आधारित एक्सेस — संस्थान के नेटवर्क पर आसानी से काम करता है।
- रिमोट एक्सेस (INFED) — INFLIBNET की फेडरेटेड पहचान प्रणाली से कहीं से भी लॉग इन करके जर्नल्स पढ़ सकते हैं।
संस्था पंजीकरण:
- AISHE कोड के साथ पोर्टल पर रजिस्टर करें।
- नोडल ऑफिसर (संस्था का नियमित वरिष्ठ अधिकारी) जरूरी है।
- नए संस्थानों को पहले aishe.gov.in पर AISHE कोड बनवाना पड़ सकता है।
पोर्टल पर Knowledge Finder नाम का खोज टूल भी उपलब्ध है, जिससे टाइटल, ISSN, विषय या प्रकाशक के आधार पर आसानी से जर्नल ढूंढा जा सकता है।
ONOS APC गाइडलाइंस: शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
ONOS का सबसे उपयोगी हिस्सा APC सपोर्ट है। शोधकर्ताओं को हाई-क्वालिटी ओपन एक्सेस जर्नल्स में पेपर पब्लिश करने के लिए Article Processing Charges भरने में मदद मिलती है।
पात्रता (Eligibility)
- केवल ONOS रजिस्टर्ड सरकारी HEI और केंद्रीय R&D संस्थानों के नियमित फैकल्टी, छात्र, शोधकर्ता और Principal Investigator आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदक First Author या Corresponding Author होना चाहिए।
- सभी लेखकों का संयुक्त घोषणापत्र (Declaration) जरूरी है कि उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- संस्था के नोडल ऑफिसर/हेड से प्रमाणीकरण अनिवार्य है।
जर्नल चयन के मानदंड
- गोल्ड ओपन एक्सेस जर्नल्स ही कवर होते हैं।
- जर्नल CiteScore, SNIP या SJR के अनुसार टॉप 5% (पोर्टल के अनुसार) या टॉप 1% (गाइडलाइंस के अनुसार) में होना चाहिए।
- सूची हर साल INFLIBNET द्वारा अपडेट की जाती है और पोर्टल पर उपलब्ध रहती है।
- अगर कोई जर्नल बाद में लिस्ट से हट भी जाए, तो जिस साल लेख स्वीकार हुआ था, उस साल तक APC सपोर्ट मिलता रहेगा (Grandfathering Clause)।
आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)
- ONOS पोर्टल के APC सेक्शन पर संस्थागत ईमेल से रजिस्टर करें (OTP आएगा)।
- ड्रॉपडाउन से जर्नल चुनें और लेख की डिटेल + Acceptance Letter अपलोड करें।
- संस्थागत सत्यापन करवाएं।
- सभी आवश्यक घोषणापत्र अपलोड करें (कोई दूसरा फंडिंग स्रोत नहीं है, इसका भी डिक्लेरेशन)।
- ONOS द्वारा समीक्षा के बाद मंजूरी मिलने पर पब्लिशर को सीधे PFMS के माध्यम से भुगतान किया जाता है।
- पेपर पब्लिश होने के बाद कन्फर्मेशन देना जरूरी है।
महत्वपूर्ण: एक ही लेख के लिए दो जगहों से APC क्लेम नहीं किया जा सकता। गलत जानकारी देने पर रिफंड + कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
अतिरिक्त सपोर्ट (Publisher Pilots)
ONOS के अलावा कुछ प्रकाशकों ने अलग छूट दी है:
- ACM: असीमित OA आर्टिकल्स बिना APC के (Read-and-Publish Agreement)
- Elsevier: चयनित ~300 गोल्ड OA जर्नल्स पर 80% तक छूट (GPOA Pilot)
- Springer Nature: चयनित 64 जर्नल्स पर भारतीय लेखकों को 75% छूट
- Wolters Kluwer (Lippincott): क्यूरेटेड जर्नल्स पर 50% फ्लैट छूट (मार्च 2026 से पायलट)
ONOS योजना के फायदे
- टियर-2 और टियर-3 संस्थानों के शोधकर्ताओं को भी हाई-इम्पैक्ट जर्नल्स में पब्लिश करने का मौका मिलेगा।
- APC का बोझ कम होने से शोध उत्पादकता बढ़ेगी।
- देशभर में शोध की गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म होने से एक्सेस बहुत आसान हो गई है।
चुनौतियां और भविष्य की योजना
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मूल 2019 की कल्पना की तुलना में यह योजना अभी सीमित दायरे में है (केवल 30 प्रकाशक)। लागत भी शुरुआती अनुमानों से अधिक है।
फेज-2 (2026-2027) में निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को भी शामिल करने की योजना पर विचार चल रहा है (पेमेंट बेसिस पर)। इससे लाखों छात्र-शोधकर्ताओं को फायदा पहुंच सकता है।
ONOS कैसे शुरू करें? (व्यावहारिक सलाह)
- सबसे पहले https://www.onos.gov.in पर जाएं।
- अपनी संस्था रजिस्टर्ड है या नहीं, चेक करें।
- APC सपोर्ट के लिए https://www.onos.gov.in/apc-support सेक्शन देखें।
- अपडेटेड जर्नल लिस्ट के लिए https://www.onos.gov.in/APCTitles पर जाएं।
- कोई समस्या हो तो apcsupport@onos.gov.in या +91-79-2326 8246 पर संपर्क करें।
निष्कर्ष
One Nation One Subscription योजना भारत के शोध पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक साहसिक कदम है। APC गाइडलाइंस शोधकर्ताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही हैं, हालांकि अभी यह मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों और टॉप-टियर जर्नल्स तक सीमित है।
जैसे-जैसे योजना का विस्तार होगा और गाइडलाइंस में सुधार होता रहेगा, इसका असर और व्यापक होगा। शोधकर्ताओं को सलाह है कि वे आधिकारिक पोर्टल को नियमित रूप से चेक करते रहें और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं।
महत्वपूर्ण लिंक्स:
- ONOS पोर्टल: https://www.onos.gov.in
- INFLIBNET ONOS पेज: https://www.inflibnet.ac.in/activities/onos.php
- APC सपोर्ट: https://www.onos.gov.in/apc-support
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