दिव्यांगजन छात्रों के लिए सरकारी छात्रवृत्ति योजनाएं: प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम की पूरी जानकारी

शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन दिव्यांगजन छात्रों के सामने अक्सर अतिरिक्त चुनौतियां आती हैं — आर्थिक बोझ, विशेष सहायता की जरूरत और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों तक पहुंच। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD) के तहत विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की हैं।

प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं। ये योजनाएं 40 प्रतिशत या अधिक विकलांगता वाले छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करती हैं। खास बात यह है कि प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक में माता-पिता की वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक होने पर लाभ मिलता है, जबकि टॉप क्लास स्कीम बेहतर संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करती है।

सामान्य पात्रता शर्तें

इन तीनों योजनाओं के लिए कुछ शर्तें लगभग समान हैं:

  • छात्र भारतीय नागरिक हो और 40 प्रतिशत या अधिक बेंचमार्क विकलांगता (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अनुसार) हो।
  • वैध विकलांगता प्रमाण-पत्र या UDID कार्ड (Unique Disability ID) होना जरूरी है। UDID अब लगभग अनिवार्य हो गया है।
  • माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक न हो (प्री और पोस्ट-मैट्रिक के लिए)।
  • परिवार में अधिकतम दो विकलांग बच्चे इस योजना का लाभ ले सकते हैं (जुड़वां बच्चों को छोड़कर)।
  • छात्र किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ न ले रहा हो।
  • पढ़ाई मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित पूर्णकालिक कोर्स में हो।

नोट: टॉप क्लास स्कीम में आय सीमा थोड़ी अधिक लचीली हो सकती है, लेकिन मूल शर्तें वही रहती हैं।

1. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटी

यह योजना कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए है। इसका मकसद है कि आर्थिक तंगी की वजह से बच्चे पढ़ाई बीच में न छोड़ें।

लाभ:

  • मेंटेनेंस अलाउंस (Day Scholar के लिए लगभग ₹500 प्रति माह, Hosteller के लिए अधिक)।
  • बुक अलाउंस ₹1,000 प्रति वर्ष।
  • विकलांगता के प्रकार के अनुसार Disability Allowance (Visual या Intellectual Disability में अधिक राशि)।

यह स्कीम छोटे स्तर पर मदद करती है ताकि बच्चे बुनियादी शिक्षा पूरी कर सकें।

2. पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटी

कक्षा 11 से लेकर स्नातकोत्तर (PG) स्तर तक के छात्र इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसमें डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं।

मुख्य लाभ:

  • मेंटेनेंस अलाउंस (Day Scholar ₹550 से ₹750 प्रति माह, Hosteller ₹900 से ₹1,600 प्रति माह तक — कोर्स के ग्रुप के अनुसार)।
  • बुक अलाउंस ₹1,500 प्रति वर्ष।
  • ट्यूशन फीस और अन्य अनिवार्य फीस की प्रतिपूर्ति (सीमा के साथ)।
  • Disability Allowance: Visual Impairment और Intellectual Disability के लिए ₹4,000 प्रति वर्ष, अन्य विकलांगताओं के लिए ₹2,000 प्रति वर्ष।
  • कुछ मामलों में एस्कॉर्ट/रीडर अलाउंस भी उपलब्ध।

यह योजना सबसे ज्यादा छात्रों तक पहुंचती है क्योंकि इसमें कोर्स की विस्तृत रेंज है।

3. टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम — बेहतर संस्थानों के लिए विशेष सहायता

यह स्कीम उन छात्रों के लिए सबसे आकर्षक है जो IIT, NIT, IIM, AIIMS, IISER, NID, NIPER जैसे प्रीमियर संस्थानों में पढ़ना चाहते हैं। 2024 में इसमें 135 नए संस्थान जोड़े गए, जिससे और ज्यादा छात्र लाभान्वित हो सकें।

विशेष लाभ (अतिरिक्त सहायता):

  • मेंटेनेंस अलाउंस Day Scholar के लिए ₹1,500 और Hosteller के लिए ₹3,000 प्रति माह (अन्य योजनाओं से अधिक)।
  • बुक अलाउंस ₹5,000 प्रति वर्ष।
  • फीस प्रतिपूर्ति ₹1.4 लाख तक प्रति वर्ष।
  • एकमुश्त कंप्यूटर/लैपटॉप सहायता ₹50,000 तक (पहले वर्ष)।
  • असिस्टिव डिवाइसेस (सुनने, देखने या अन्य सहायता के उपकरण) के लिए ₹50,000 तक की मदद (ADIP स्कीम से पिछले तीन साल में लाभ न लिया हो)।
  • Special Allowance ₹2,000 प्रति माह (रीडर, एस्कॉर्ट या विकलांगता संबंधी अन्य जरूरतों के लिए)।

टॉप क्लास का मतलब है कि छात्र को सिर्फ पढ़ाई का खर्च नहीं उठाना पड़ता, बल्कि बेहतर संस्थान में रहने और पढ़ने की पूरी व्यवस्था में मदद मिलती है। यह स्कीम वास्तव में “समावेशी शिक्षा” को बढ़ावा देती है।

आवेदन कैसे करें? (2026-27 शैक्षणिक सत्र)

सभी योजनाओं के लिए आवेदन National Scholarship Portal (NSP) पर ऑनलाइन करना होता है।

महत्वपूर्ण अपडेट (जून 2026):

  • पोर्टल 1 जून 2026 से खुल चुका है।
  • प्री-मैट्रिक के लिए आवेदन आमतौर पर अगस्त अंत तक।
  • पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय रहता है।

आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • UDID कार्ड या विकलांगता प्रमाण-पत्र
  • आय प्रमाण-पत्र (तहसीलदार या राजस्व अधिकारी द्वारा जारी)
  • पिछली कक्षा की मार्कशीट या एडमिशन प्रूफ
  • फीस रसीद (जहां लागू हो)
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक्ड)
  • हाल की फोटो

प्रक्रिया:

  1. scholarships.gov.in पर जाएं और रजिस्टर करें।
  2. सही स्कीम चुनें।
  3. फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करें।
  4. अपने संस्थान से वेरिफिकेशन करवाएं।
  5. राज्य/जिला नोडल अधिकारी (हिमाचल प्रदेश में जिला समाज कल्याण अधिकारी या शिक्षा विभाग) द्वारा वेरिफिकेशन।
  6. राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में आ जाती है।

हिमाचल प्रदेश के छात्र NSP के अलावा hpepass.cgg.gov.in पोर्टल पर भी जानकारी ले सकते हैं। राज्य स्तर पर वेरिफिकेशन जिला स्तर पर होता है।

सफल आवेदन के लिए जरूरी टिप्स

  • UDID कार्ड पहले से बनवा लें — यह अब सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है।
  • आय प्रमाण-पत्र ताजा (current financial year) होना चाहिए।
  • फॉर्म भरते समय कोई भी गलत जानकारी न डालें, वरना आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
  • इंस्टीट्यूट वेरिफिकेशन समय पर पूरा करवाएं।
  • टॉप क्लास के लिए सिर्फ अधिसूचित संस्थानों की सूची चेक करें (DEPwD वेबसाइट पर उपलब्ध)।
  • पोर्टल पर समय-समय पर अपना आवेदन स्टेटस चेक करते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या UDID कार्ड अनिवार्य है? उत्तर: अब लगभग अनिवार्य हो गया है। पुराना विकलांगता प्रमाण-पत्र भी काम चला सकता है, लेकिन UDID होने से प्रक्रिया तेज होती है।

प्रश्न: आय सीमा ठीक ₹2.5 लाख है या उससे कम? उत्तर: ₹2.5 लाख तक (सभी स्रोतों से) प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक के लिए लागू है।

प्रश्न: टॉप क्लास स्कीम में कौन से संस्थान शामिल हैं? उत्तर: IIT, NIT, IIM, AIIMS, IISER, NID जैसी प्रीमियर संस्थानों की सूची DEPwD द्वारा अधिसूचित है। 2024 में 135 नए संस्थान जोड़े गए हैं।

प्रश्न: आवेदन की अंतिम तिथि कब है? उत्तर: 2026-27 सत्र के लिए प्री-मैट्रिक अगस्त अंत तक और अन्य दो योजनाएं अक्टूबर 2026 तक।

प्रश्न: क्या राज्य सरकार की भी अलग योजनाएं हैं? उत्तर: कुछ राज्य अतिरिक्त सहायता देते हैं, लेकिन मुख्य योजनाएं केंद्र सरकार की NSP के माध्यम से ही चलती हैं।

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Anil Sharma

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