दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना 2026: दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कौशल और सहायक उपकरणों की मजबूत पहल

भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में दो महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। ये योजनाएं न सिर्फ कौशल विकास पर जोर देती हैं, बल्कि आधुनिक सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करके दिव्यांग व्यक्तियों को स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती हैं।

दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा लागू किया जा रहा है। इनका मकसद “सबका साथ, सबका विकास” और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करना है।

दिव्यांगजन कौशल योजना: हुनर से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह

यह योजना दिव्यांगजनों को उद्योग-उपयुक्त कौशल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। यह 2015 में शुरू हुई राष्ट्रीय कार्य योजना for Skill Development of PwDs (NAP-SDP) पर आधारित है, जिसे अब PM-DAKSH DEPwD पोर्टल के माध्यम से चलाया जा रहा है। बजट 2026-27 में इस योजना को नया बल मिला है, खासकर कुछ खास क्षेत्रों में कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग पर फोकस के साथ।

मुख्य उद्देश्य

  • दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी क्षमताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग देकर सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना।
  • वेतनभोगी रोजगार, स्वरोजगार या उद्यमिता के रास्ते खोलना।
  • कौशल अंतर को कम करना और निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर पैदा करना।

बजट 2026-27 में खास फोकस वाले क्षेत्र सरकार ने ऐसे क्षेत्र चुने हैं जहां काम प्रक्रिया-आधारित और टास्क-ओरिएंटेड होता है, इसलिए शारीरिक सीमाओं के बावजूद दिव्यांगजन अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं:

  • IT क्षेत्र
  • AVGC (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स)
  • हॉस्पिटैलिटी
  • फूड एंड बेवरेजेस

इन क्षेत्रों में डिजिटल स्किल्स, कंटेंट क्रिएशन, कस्टमर सर्विस और प्रोसेस मैनेजमेंट जैसे काम शामिल हैं, जो कई प्रकार की दिव्यांगताओं वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त साबित हो सकते हैं।

पात्रता मानदंड

  • भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • कम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाणित होनी चाहिए।
  • UDID कार्ड या UDID एनरोलमेंट नंबर अनिवार्य/अत्यधिक अनुशंसित है।
  • आयु सीमा सामान्यतः 15 से 59 वर्ष (कुछ कोर्स में 18 वर्ष से ऊपर)।
  • पिछले एक साल में NAP-SDP के तहत समान ट्रेनिंग न ली हो।

सभी प्रकार की दिव्यांगता (लोकोमोटर, दृष्टि, श्रवण, बौद्धिक, मल्टीपल आदि) वाले व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। ट्रेनिंग उनकी जरूरत के अनुसार अनुकूलित की जाती है।

लाभ

  • पूरी तरह मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन।
  • उद्योग-संरेखित कोर्स जो वास्तविक नौकरी बाजार की मांग के अनुसार तैयार किए गए हैं।
  • दिव्यांगजन रोजगार सेतु मॉड्यूल के जरिए नौकरी के अवसर (कंपनियों के साथ पार्टनरशिप)।
  • स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए समर्थन।
  • पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक लाखों दिव्यांगजन लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें हजारों को प्लेसमेंट भी मिला है।

आवेदन कैसे करें?

  1. आधिकारिक पोर्टल pmdaksh.depwd.gov.in पर जाएं।
  2. दिव्यांगजन कौशल विकास (Divyangjan Kaushal Vikas) सेक्शन में रजिस्ट्रेशन करें।
  3. UDID कार्ड या एनरोलमेंट नंबर से लॉगिन करें।
  4. उपलब्ध कोर्स देखें और अपनी पसंद का कोर्स चुनें।
  5. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें — UDID/दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज आदि।

ट्रेनिंग सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से दी जाती है। कोर्स पूरा करने के बाद प्लेसमेंट सपोर्ट भी उपलब्ध होता है।

दिव्यांग सहारा योजना: सहायक उपकरणों से स्वतंत्र जीवन की शुरुआत

यह बजट 2026-27 में घोषित एक नई योजना है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को आधुनिक, उच्च गुणवत्ता वाले और किफायती सहायक उपकरण (Assistive Devices) उपलब्ध कराना है, ताकि वे दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र हो सकें।

यह योजना मौजूदा ADIP योजना (Assistance to Persons with Disabilities for Purchase/Fitting of Aids and Appliances) को और मजबूत करती है।

मुख्य घटक

  • ALIMCO को समर्थन: आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ALIMCO) को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उन्नत उपकरण विकसित करने के लिए सहायता।
  • PM Divyasha Kendras (PMDKs) को मजबूत करना: ये एकीकृत केंद्र हैं जहां मूल्यांकन, फिटिंग, वितरण, ट्रेनिंग, मरम्मत और बाद की देखभाल की सुविधा मिलती है। ये दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों दोनों के लिए उपयोगी हैं।
  • Assistive Technology Marts: आधुनिक रिटेल स्टाइल के केंद्र, जहां लोग उपकरणों को देखकर, आजमाकर खरीद सकें। इससे खरीदारी आसान और भरोसेमंद होगी।

उपलब्ध होने वाले प्रमुख उपकरण

  • गतिशीलता सहायक (व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, वॉकर)
  • कृत्रिम अंग और ऑर्थोटिक्स
  • श्रवण यंत्र (डिजिटल और प्रोग्रामेबल)
  • कम दृष्टि वाले उपकरण
  • ई-ब्रेल डिवाइस और अन्य अनुकूली तकनीकें

इस योजना के लिए बजट आवंटन में ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही ALIMCO के लिए भी अलग से बजट बढ़ाया गया है।

पात्रता ADIP योजना के अनुरूप — आमतौर पर 40% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति। कुछ मामलों में चिकित्सकीय सिफारिश पर कम प्रतिशत वाले भी लाभ ले सकते हैं। UDID कार्ड फायदेमंद है।

दोनों योजनाओं का आपसी संबंध और व्यापक महत्व

ये दोनों योजनाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। कौशल योजना जहां हुनर और रोजगार के अवसर देती है, वहीं सहारा योजना शारीरिक और तकनीकी बाधाओं को दूर करके दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने में मदद करती है।

जब कोई व्यक्ति अच्छे सहायक उपकरणों के साथ कौशल हासिल करता है, तो उसकी उत्पादकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं। इससे परिवार पर बोझ कम होता है और समाज को भी एक सक्षम सदस्य मिलता है।

जरूरी सलाह और सावधानियां

  • सबसे पहले UDID कार्ड बनवा लें (यदि नहीं बना है तो udid.wcd.nic.in पर आवेदन करें)।
  • केवल आधिकारिक पोर्टल और वेबसाइट से ही जानकारी लें। फर्जी वेबसाइट या एजेंट से बचें।
  • ट्रेनिंग या उपकरण के लिए किसी भी तरह का शुल्क न चुकाएं — दोनों योजनाएं लाभार्थियों के लिए निःशुल्क/सब्सिडी वाली हैं।
  • स्थानीय स्तर पर District Disability Rehabilitation Centre (DDRC) या नजदीकी PM Divyasha Kendra से संपर्क कर सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत

  • कौशल प्रशिक्षण के लिए: pmdaksh.depwd.gov.in
  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग: depwd.gov.in
  • ALIMCO और सहायक उपकरण: alimco.in
  • UDID पोर्टल: udid.wcd.nic.in

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Anil Sharma

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